Monday, May 19, 2008

ओ सुरगूँजा! कुछ उन्‍मुक्‍त चित्र (2)

ओ सुरगूँजा! कुछ उन्‍मुक्‍त चित्र

(2)

गोदना पर बैठा
सॉंप
अब दिन में भी
फुँफकारता है
गॉंव में ठेकेदार के आने के पहले
सब ठीक था


(टीप : मेरा जन्‍म स्‍थान सरगुजा, जिसे कभी सूरगूँजा भी कहा जाता था छत्तीसगढ़ राज्‍य का आदिवासी बहुल जिला है। यहॉं जुल्‍मों और शोषणों की कथा बहुत पुरानी-लम्‍बी और अनवरत है। 'ओ सुरगूँजा! कुछ उन्‍मुक्‍त चित्र' के द्वारा मैंने शब्‍दों में कुछ के रेखाचित्र खींचने का प्रयास किया है।)

1 comments:

Sanjeet Tripathi said...

बहुत बढ़िया!
जानकर खुशी हुई कि आप छत्तीसगढ़ की पैदाईश हैं।