मेरी कविताएं -धर्म-1-'कर्फ्यू'
:: कर्फ्यू ::
उस गॉंव के लोग
न देखे थे और न ही सुने थे -
कर्फ्यू,
एक दिन 'त्रिशूलों' के इर्द-गिर्द इकट्ठा हुआ
'ईश्वर'
और
'अल्लाह' तलवारों के
फिर खबर आयी
चार दिनों से कर्फ्यू है वहॉं
Saturday, May 17, 2008
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1 comments:
गहरे भाव हैं.
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